Saturday, 28 March 2015

सबके दाता राम


रघुकुल में पैदा हुए, जग के पालनहार।
कौशल्या हर्षित हुई, धन्य हुआ संसार।।

कण-कण में जो हैं बसे, पावन जिनका नाम।
पीड़ा हरने आ गए, सबके दाता राम।।

राम जन्म की धूम है, चहूँ ओर उल्लास।
राम दया अनुराग हैं, राम भक्ति विश्वास।।

 मर्यादा आदर्श के, रघुवर हैं प्रतिरूप।
धीरज, धरम, त्याग व तप, राम चरित के रूप।।

बनते बिगड़े काम सब, निर्बल के बल राम।
राम नाम सबसे बड़ा, राम चरण सुख धाम।।
  
रामनवमी की शुभकामनाएँ!!

© हिमकर श्याम

(चित्र गूगल से साभार)



Friday, 20 March 2015

चहक-चहक मन मोहती

(विश्व गौरैया दिवस पर)

घर आँगन सूना लगे, ख़ाली रोशनदान।
रोज़ सवेरे झुण्ड में, आते थे मेहमान।।

प्यारी चिड़ियाँ गुम हुई, लेकर मीठे गान।
उजड़ गए सब घोंसले, संकट में है जान।।

चहक-चहक मन मोहती, चंचल शोख़ मिज़ाज।
बस यादों में शेष है, चूं-चूं की आवाज़।।

बाग़-बगीचों की जगह, कंक्रीट के मकान।
गोरैया रूठी हुई,  अपराधी इनसान।।

कहाँ गयी वह सहचरी, बच्चों की मुस्कान।
दाना-पानी दे उसे, करें नीड़ निर्माण।।

© हिमकर श्याम

(चित्र गूगल से साभार)



Thursday, 5 March 2015

प्रेमी वसंत


1.
नई कोंपले
मुस्कुराती कलियाँ
आया वसंत

2.
दिशा दिगंत
सुरभित सुमन
फैली सुगंध

3.
सरसों झूमी
आम्र कुञ्ज महके
कूके कोयल  


4.
सेमल खिला 
दहकता पलाश
वन में आग

5.
दुल्हन धरा
खड़ी ओढ़ चुनर
प्रेमी वसंत

6.
स्वर्गिक आभा
ऋतुराज वसंत
कान्हा का रूप


7.
 प्रीत का रंग
राधा-मोहन संग
ब्रज में होरी

8.
उड़े अबीर
मन हुआ अधीर
पिया न संग

9.
हर्ष-उमंग
जीवन बहुरंग
कोई बेरंग


10.
फाग बयार
भींगाता तन-मन
चढ़ा ख़ुमार

11.
पी कर भंग
मन मस्त मलंग
बाजे मृदंग

12.
बरसे रंग
मस्ती व उमंग
आ गयी होली


[सभी ब्लॉग विजिटर्स, संगी-साथियों, बंधु-बाँधवों और शुभचिंतकों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ]

© हिमकर श्याम

(चित्र गूगल से साभार)