Monday, 11 February 2019

श्वेत चतुर्भुज रूप



पद्मासिनि वागीश्वरी, श्वेत चतुर्भुज रूप
पुस्तक वीणा हाथ मे, बुद्धि ज्ञान प्रतिरूप

प्राणी को वाणी मिली, सुन वीणा की नाद
मौन सृष्टि करने लगी, आपस में संवाद


© हिमकर श्याम

(चित्र गूगल से साभार)

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5 comments:

  1. वाह्ह्ह... अद्भुत अप्रतिम... माँ शारदा 🙏
    बहुत सुंदर लिखा है आपने..👌

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  2. वाह!!बहुत सुंदर!!

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (13-02-2019) को "आलिंगन उपहार" (चर्चा अंक-3246) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. वाह !बहुत सुन्दर सृजन आदरणीय
    सादर

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  5. बहुत ही सुन्दर वंदना

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