रघुकुल में पैदा हुए, जग के पालनहार।
कौशल्या हर्षित हुई, धन्य हुआ संसार।।
कण-कण में जो हैं बसे, पावन जिनका नाम।
पीड़ा हरने आ गए, सबके दाता राम।।
राम जन्म की धूम है, चहूँ ओर उल्लास।
राम दया अनुराग हैं, राम भक्ति विश्वास।।
मर्यादा आदर्श के, रघुवर हैं प्रतिरूप।
धीरज, धरम, त्याग व तप, राम चरित के रूप।।
बनते बिगड़े काम सब, निर्बल के बल राम।
राम नाम सबसे बड़ा, राम चरण सुख धाम।।
रामनवमी की शुभकामनाएँ!!
© हिमकर श्याम
(चित्र गूगल से साभार)
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